जेएनयू में क्यों खत्म नहीं हो रही है शेहला रशीद और कन्हैया कुमार की पढ़ाई - kanhaiya kumar shehla rashid reply jnu studies

नई दिल्ली: इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दूसरे दिन के एक प्रमुख सत्र 'द यंग तुर्क्स: द फ्यूचर ऑफ आइडेंटिटी पॉलिटिक्स' में सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हार्दिक पटेल, JNU के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, JNU की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद, BJYM के राष्ट्रीय मीडिया इंचार्ज रोहित चहल और लेखिका व स्तंभकार शुभ्रस्था के बीच जबर्दस्त, गर्मागर्म बहस हुई.

चर्चा तो होनी थी पहचान की राजनीति पर, लेकिन बहस कन्हैया कुमार की पढ़ाई से लेकर हार्दिक पटेल की बहन की शादी तक पहुंच गई. शेहला रशीद और कन्हैया कुमार से पूछा गया कि जेएनयू में उनकी पढ़ाई खत्म क्यों नहीं हो रही है?

इस पर शेहला ने कहा, 'हम लोग भी टैक्स देते हैं. हमारे देश की स्कूलिंग ऐसी है. एमफिल करने तक 26 या इससे ज्यादा उम्र हो जाती है. हमारे यहां कहा जाता है कि जानने, सीखने, ज्ञान की कोई उम्र नहीं होती है, लेकिन आज जो सरकार है, वह ज्ञान के खिलाफ काम कर रही है. इनके मंत्री कहते हैं कि डार्विन की थ्योरी गलत है. इनके मिनिस्टर कहते हैं कि इतिहास बदल दो.'

कन्हैया कुमार ने कहा, 'ये लोग व्यक्तिगत हमले इसीलिए करते हैं, क्योंकि उनके पास कहने को कुछ नहीं है. आप हमसे यह पूछ रहे हैं कि हम 30 साल तक पढ़ाई क्यों कर रहे हैं, हमारे पीएम ने 35 साल में एमए किया है, मैं तो 30 साल में पीएचडी कर रहा हूं.'

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के रोहित चहल ने कहा कि कन्हैया और शेहला रशीद जैसे नेता जेएनयू का नाम खराब कर रहे हैं. शेहला रशीद ने कहा कि वे किसी पार्टी से नहीं जुड़ी हैं और एक वामपंथी हैं.

शुभ्रस्था ने कन्हैया कुमार, हार्दिक पटेल और शेहला पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ये एंटी मोदी और एंटी बीजेपी गैंग के लोग हैं और यह सोचना मूर्खता होगी कि ये पिछड़े वर्ग के लिए काम करेंगे.

गौरतलब है कि शेहला रशीद JNU में एमफिल कर रही हैं. वह छात्र संगठन आइसा की सदस्य हैं. कन्हैया कुमार आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन से जुड़े छात्र नेता हैं. वह JNU में पीएचडी कर रहे हैं.
Share on Google Plus

0 comments:

Post a comment