कठुआ और उन्नाव रेप के विरोध में 49 रिटायर नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री को लिखा खुला खत - retired bureaucrats write to pm modi says government fails to fulfill basic responsibilities


ई दिल्ली: कठुआ और उन्नाव रेप के विरोध में पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबाल पर है. न्याय के लिए देश में लोग जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इन सबके बीच रविवार को देश के 49 रिटायर नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखा है. खत में लिखा गया है कि कठुआ और उन्नाव की दर्दनाक घटनाएं दिखाती हैं कि सरकारअपनी  बहुत ही मूल ज़िम्मेदारियों को पूरा करने में भी नाकाम रही है. ये हमारा सबसे काला दौर है और इससे निपटने में सरकार और राजनीतिक पार्टियों की कोशिश बहुत ही कम और कमज़ोर है.


पत्र में आगे लिखा गया है कि नागरिक सेवाओं से जुड़े हमारे युवा साथी भी लगता है अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने में नाकाम रहे हैं. इस पत्र में प्रधानमंत्री से कहा गया है कि वो कठुआ और उन्नाव में पीड़ित परिवारों से माफ़ी मांगें और मामलों की फास्ट ट्रैक जांच करवाएं. पत्र में यह भी मांग की गई है कि प्रधानमंत्री नफ़रत भरे भाषणों और अपराधों से जुड़े लोगों को अपनी सरकार से हटाएं और इस पूरे मसले पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं.


गौरतलब है कि पिछले दो हफ्तों में गैंगरेप और हत्या के दो मामलों ने पूरे देश को सकते में डाल दिया है. पिछले हफ्ते रविवार को यूपी के उन्नाव की एक महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की थी. महिला का आरोप था कि बीजेपी विधायक ने उसके साथ रेप किया है. पूरे देश में इस मुद्दे पर चर्चा और विरोध के बाद आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया है.



वहीं, दूसरा सनसनीखेज मामला जम्मू कश्मीर के कठुआ से सामने आया. जहां 8 साल की बच्ची की अपहरण के बाद कई दिनों तक गैंगरेप करने के बाद हत्या कर दी गई. वहीं, एक दिन पहले गुजरात के सूरत में एक 9 साल की बच्ची का शव बरामद हुआ. उसके शरीर पर 100 के करीब चोट के निशान थे. इसे देखते हुए लोगों का गुस्सा चरम पर है. देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर न्याय की मांग कर रहे हैं. मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि कोई भी अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा.

पीएमओ इंडिया के ट्वीट के अनुसार पीएम मोदी ने कहा, 'जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं. पिछले 2 दिनों से जो घटनाएं चर्चा में हैं वो निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिये शर्मनाक हैं. एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं.'

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प्रधानमंत्री ने आगे लिखा था, 'देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें, हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं. मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कोई अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा. हमारे समाज की इस आंतरिक बुराई को खत्म करने का काम, हम सभी को मिलकर करना होगा.'
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