मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह के समर्थन से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने कमलनाथ, सिंधिया कैंप को झटका?- kamalnath-will-obvious-congress-face

नई दिल्ली:  विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में बड़ा बदलाव करते हुए कांग्रेस ने सीनियर लीडर कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस की ओर से यह सिर्फ बदलाव नहीं है बल्कि चुनाव से पहले सूबे में समीकरण साधने की एक बड़ी कवायद भी है। छिंदवाड़ा से सांसद कमलनाथ ने जिम्मेदारी को लेकर गुरुवार को इकनॉमिक टाइम्स से कहा, 'मैं इसे एक बड़ी जिम्मेदारी और एक बेहतर अवसर के तौर पर लेता हूं।' राज्य में इस साल के अंत तक चुनाव होने हैं और उससे पहले शिवराज सरकार से मुकाबले के लिए कांग्रेस ने अरुण यादव को हटाकर कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा सौंपा है।कांग्रेस की 15 साल बाद सूबे की सत्ता में वापसी को अपना मिशन बताते हुए कमलनाथ ने कहा, 'बीते कई सालों में मध्य प्रदेश में गवर्नेंस और प्रशासन के स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है। यहां हालात जस के तस बने हुए हैं। अब बदलाव का समय आ गया है।' इस बार शिवराज सिंह चौहान लगातार चौथे कार्यकाल के लिए चुनावी समर में उतरेंगे। अब तक हरियाणा के प्रभारी महासचिव रहे कमलनाथ अब सूबे के कांग्रेस चीफ होंगे, जबकि इस पद के लिए रेस में बताए जा रहे सिंधिया को कैंपेन कमिटी का चेयरमैन बनाया गया है। भले ही कांग्रेस ने अभी मध्य प्रदेश के लिए अपने सीएम कैंडिडेट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से साफ है कि वह ही चुनावी समर में कांग्रेस के सबसे अहम चेहरा होंगे। अब तक इस मसले पर सिंधिया की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन कमलनाथ को कमान सौंपे जाने को सिंधिया कैंप के लिए झटका माना जा रहा है।
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