येदियुरप्पा के खिलाफ कांग्रेस ने जीबी मालतेश को मैदान में उतारा - karnataka assembly elections 2018 bjp shikarpura yeddyurappa congress jds

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सीएम चेहरे बीएस येदियुरप्पा को कांग्रेस ने पहले ही राउंड में एक तरह से वॉकओवर दे दिया है. शिकागो की शिकारपुरा विधानसभा सीट से येदियुरप्पा के खिलाफ कांग्रेस ने निगम सदस्य जीबी मालतेश को मैदान में उतारा है. माना जा रहा था कि येदियुरप्पा के सामने पार्टी किसी बड़े चेहरे पर दांव लगाएगी. लेकिन पार्टी ने कुरबा समुदाय पर दांव लगाया है. मालतेश को उतारने से येदियुरप्पा की राह आसान होगी या मुश्किल, ये तो वक्त ही बताएगा.

लिंगायत बहुल सीट शिकारपुरा से बीजेपी ने येदियुरप्पा को उतारा है. कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि येदियुरप्पा के सामने किसी पार्टी किसी मजबूत लिंगायत नेता को इस सीट से उतारेगी. इस सीट से पूर्व विधायक महालिंगप्पा टिकट के मजबूत दावेदार माने जा रहे थे. लेकिन पार्टी ने येदियुरप्पा के खिलाफ मालतेश को अपना उम्मीदवार घोषित किया.

बता दें कि महालिंगप्पा ने 1999 में कांग्रेस के टिकट से लड़कर येदियुरप्पा को हराया था. कांग्रेस के दूसरे दावेदारों में शांतावीरप्पा गौड़ा का नाम था. शांतावीरप्पा गौड़ा येदियुरप्पा के बेटे राघवेन्द्र से 2014 उपचुनावों में लगभग 6 हजार वोटों से हारे थे. लेकिन पिछले दिनों उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया है.

कांग्रेस से टिकट के दावेदारों में तीसरा नाम कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार का था. माना जा रहा था  कि सिद्धारमैया के करीबी होने के नाते वह शिकारपुरा सीट से उतर सकते हैं. लेकिन पार्टी ने उन्हें भी निराश किया.

माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी ने शिकारपुरा सीट से मालतेश को उतारकर येदियुरप्पा के लिए बेहद आसान बना दिया है. मालतेश लिंगायत समुदाय से भी नहीं आते हैं, वो कुरबा हैं. ऐसे में लिंगायत बहुल सीट से येदियुरप्पा के खिलाफ कुरबा समुदाय का उम्मीदवार उतारा है. मालतेश कुरबा चलते येदियुरप्पा के सामने पिछड़ी जातियों और एससी, एसटी वोटों को साधना मुश्किल होगा.

येदियुरप्पा के खिलाफ कांग्रेस की तुलना में जेडीएस ने मजबूत लिंगायत समुदाय के उम्मीदवार एचटी बालिगर को उतारा है. बालिगर शिकारपुरा सीट जीतने के पूरी ताकत से जुट गए हैं. येदियुरप्पा के बेटे राघवेंद्र अपने पिता की विधानसभा के जिताने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. हालांकि दो लिंगायत के बीच कांग्रेस का कुरबा कार्ड कितना सफल होगा, ये तो समय ही बताएगा.


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