गायत्री प्रसाद प्रजापति का साथ देने वाले राहुल की मज़बूरी है कैंडल लाइट मार्च - smriti irani on congress candlelight march rahul gandhi unnao kathua rape case

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के उन्नाव और जम्मू-कश्मीर के कठुआ गैंगरेप मामले में एक ओर जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी को घेरने और इंसाफ की मांग के लिए कैंडल लाइट मार्च निकाला, तो बीजेपी दोनों ही मामलों का राजनीतिकरण ना करने की अपील कर रही है. वहीं पीएम मोदी, बाकी मंत्रियों व विशेष तौर पर बीजेपी की महिला नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं. हालांकि बीजेपी की ओर से सफाई दी गई कि दोषियों को सजा मिलेगी, कानून अपना काम कर रहा है.

12 अप्रैल की रात राहुल गांधी के कैंडल मार्च पर निशाना साधते हुए केंद्रीय कपड़ा, सूचना व दूरसंचार मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इससे पहले राहुल गांधी गायत्री प्रसाद प्रजापति के साथ खड़े थे. इस बार कोई कदम उठाना सिर्फ उनकी मजबूरी है, लेकिन अमेठी सच्चाई जानती है. स्मृति ने कहा कि उन्हें विश्वास है, पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा. स्मृति ने कहा कि कानून और प्रशासन विधिवत संविधान की मर्यादा में रहकर काम करें, ये अपील बीजेपी की ओर से की गई है.

कुमार विश्वास ने भी कठुआ और उन्नाव मामले में नेताओं की चुप्पी पर ट्वीट कर कहा कि अगर राजनैतिक दलों में काम करने वाली महिलाएं ये सब देखकर भी चुप हैं, तो ये तय है कि लोग राजनीतिज्ञ पहले हैं, स्त्री-मनुष्य बाद में हैं.

वहीं बीजेपी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने मीडिया पर आरोप लगाया कि कठुआ और उन्नाव मामले पर बीजेपी की ओर से कई बयान दिए गए, जिसे दिखाया नहीं गया. मीनाक्षी ने बताया कि सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और न ही किसी निर्दोष को प्रताड़ित किया जाएगा.
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