शक्ति प्रदर्शन के बाद भी नहीं बनेगा महामोर्चा, सीताराम येचुरी ने बताई यह वजह- no-chance-of-grand-alliance-sitaram-yechury

नई दिल्ली : कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी की ताजपोशी के समारोह को विपक्षी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन शक्ति प्रदर्शन से पहले ही कई विपक्षी दलों में 36 का आंकड़ा साफ देखने को मिला. इससे साफ है कि विपक्षी दल दिखाने के लिए तो एक मंच पर आ गए, लेकिन मनों की दूरी खत्म नहीं हुई है. नेताओं के इस रवैए के कारण 2019 में बीजेपी को घेरने के लिए महामोर्चे के गठबंधन पर सवालिया निशान लग गए हैं. सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने साफ कर दिया कि बीजेपी को रोकने के लिए विपक्ष की एकता के नाम पर टीएमटी प्रमुख ममता बनर्जी से हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं उठता. टीएमसी और सीपीएम के बीच खिंची मतभेदों की खाई से तमाम विपक्षी दलों की दूरी कम होती नजर नहीं आ रही है. भले ही शपथ ग्रहण समारोह में ममता और येचुरी एक ही मंच पर नजर आए, लेकिन अलग-अलग कोनों में. शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से पहले सीताराम येचुरी ने कहा है कि देश में बीजेपी को रोकने के लिए विपक्ष की एकता के नाम पर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं उठता है. येचुरी ने बताया कि बीजेपी की अगुवाई वाली सरकारें देश में और ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी सरकार पश्चिम बंगाल में एक समान रूप से लोकतंत्र की हत्या कर रही हैं. उन्होंने कहा कि माकपा अगले साल लोकसभा चुनाव में ममता और मोदी, दोनों को हराएगी. वहीं, केरल में हम कांग्रेस को हराएंगे.माकपा की इस रणनीति से बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिये विपक्षी दलों की एकजुटता को झटका लगने और माकपा के अलग थलग पड़ने के सवाल पर येचुरी ने कहा कि अतीत में भी बीजेपी को रोकने के लिए अब तक बने सभी मोर्चे चुनाव के बाद गठित हुए. हाल ही में कर्नाटक में भी चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह गठजोड़ बना. उन्होंने स्पष्ट किया कि देशव्यापी स्तर पर किसी मोर्चे की बात करना व्यर्थ है. क्योंकि राज्यों में क्षेत्रीय दलों के लिये भिन्न-भिन्न परिस्थतियां हैं. इसलिये पूरे देश के लिए एक मोर्चा बनाने की राजनीति नहीं चल सकती है. बीजेपी को हराने के लिये गठजोड़ के भविष्य के सवाल पर येचुरी ने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि चुनाव के बाद यह गठजोड़ बनेगा और सत्ता में आने से बीजेपी को रोक कर सरकार बनायेगा.’ इस कवायद में ममता बनर्जी की भूमिका के सवाल पर येचुरी ने कहा, ‘हमारा नारा बिल्कुल स्पष्ट है, देश की सत्ता से मोदी को और बंगाल की सत्ता से ममता को हटाना है.’
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