बॉर्डर पर शांति स्थापित करने की कोशिश, जल्द हो सकती है भारत-पाक NSA की मुलाकात

जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर पाकिस्तान की ओर से हो रही गोलीबारी को रोकने के लिए मंगलवार को दोनों देशों के बीच डीजीएमओ लेवल की बातचीत हुई. दोनों देशों के अधिकारियों ने एक बार फिर 2003 के सीज़फायर समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. बातचीत के इस दौर को अब एक कदम आगे बढ़ाने की तैयारी है. सूत्रों की मानें तो अगर बॉर्डर पर एक बार फिर शांति होती है तो दोनों देशों के NSA के बीच बैठक हो सकती है. डीजीएमओ लेवल की बातचीत के बाद बॉर्डर पर किसी तरह की फायरिंग की कोई खबर नहीं आई है. इसी कारण अब बातचीत को बड़े स्तर पर ले जाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि दोनों देशों के NSA लगातार टच में हैं और मुलाकात पर जल्द ही फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि भारत के एनएसए अजित डोभाल और पाकिस्तान के एनएसए नसीर खान जंजुआ हैं. भारत और पाकिस्तान के एनएसए फोन पर बातचीत कर रहे थे, जिसके बाद ही डीजीएमओ लेवल की बातचीत संभव हो पाई. हालांकि, बातचीत के इस दौर के बीच भी बॉर्डर पर भारत को चौकन्ना रहने की जरूरत है. गौरतलब है कि मई महीने में पाकिस्तान की ओर से काफी बार सीज़फायर का उल्लंघन किया गया था, जिसके कारण बॉर्डर के आस-पास के इलाकों में काफी क्षति पहुंची थी. इस घटना में कई लोगों की जान गई थी, वहीं करीब 1 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया था. आपको बता दें कि पाकिस्तानी थल सेना द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन किए जाने की इस साल अब तक कुल 908 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 860 था. डीजीएमओ लेवल की बातचीत में क्या हुआ था? बता दें कि मंगलवार को हुई बैठक में भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशक (डीजीएमओ) 2003 के संघर्ष विराम समझौते को ‘पूरी तरह से लागू करने’ पर सहमत हुए थे. थल सेना की ओर से कहा गया था कि दोनों सैन्य कमांडरों ने शाम छह बजे ‘हॉटलाइन’ पर बातचीत के दौरान जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की. विशेष हॉटलाइन संपर्क की पहल पाकिस्तानी डीजीएमओ ने की. भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान के मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा के बीच बातचीत के बाद दोनों सेनाओं ने समान बयान जारी कर कहा कि दोनों देश 15 साल पुराने संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए हैं. साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन ना हो.
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