वर्ल्ड बैंक तक PM मोदी का प्रभाव, विद्युतीकरण के क्षेत्र में भारत के प्रयास की हुई सराहना- america-india-doing-extremely-well-on-electrification

वाशिंगटन - संयुक्त राष्ट्र की संस्था वर्ल्ड बैंक ने विद्युतीकरण के क्षेत्र में भारत के प्रयासों की सराहना की है।इस दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए वर्ल्ड बैंक ने कहा कि उनके कार्यकाल में देश की जनसंख्या के 85 फीसद आबादी तक बिजली की पहुंच संभव हो सकी है। वर्ल्ड बैंक के द्वारा जारी किए गए अपने ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 से लेकर 2016 के बीच भारत हर साल 30 मिलियन लोगों तक बिजली की सुविधा मुहैया करवा रहा है, ये आंकड़ा किसी अन्य देश के मुकाबले ज्यादा है।2030 तक पूर्ण लक्ष्य हासिल करने को प्रतिबद्ध हालांकि वर्ल्ड बैंक ने साथ ही ये भी कहा है कि इनके सबके बावजूद बाकी बचे 15 फीसद जनसंख्या के पास बिजली की पहुंच बाकी है और ये भारत के लिए एक बड़ी चुनौती है। वर्ल्ड बैंक के प्रमुख एनर्जी इकोनॉमिस्ट विवियन फोस्टर ने कहा कि भारत इस लक्ष्य को 2030 तक हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। ।पीएम मोदी ने की थी घोषणा यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री की उस घोषणा के बाद आई है, जब एक सप्ताह पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत के सभी गांव आज बिजली से रौशन है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया कि देश की जनसंख्या का 85 फीसद आबादी आज बिजली का इस्तेमाल कर रहा है। भारत इस मामले में बेहतरीन और सराहनीय काम कर रहा है। यह आश्चर्यचकित करने वाला है। आपको बता दें कि हालांकि विश्व बैंक की पद्धति घरेलू सर्वेक्षण पर आधारित है, जबकि सरकार के आंकड़े आधिकारिक उपयोगिता कनेक्शन पर आधारित हैं।भारत का प्रयास सराहनीय भारत किसी अन्य देश के मुकाबले पूर्ण विद्युतीकरण के क्षेत्र में काफी सराहनीय काम कर रहा है। हर साल तीस मिलियन लोगों तक बिजली की सुविधा मुहैया करवाना अपने आप में एक बेहद सराहनीय काम है और यही इसे अन्य देशों से अलग करता है। हालांकि भारत विद्युतीकरण के क्षेत्र में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश नहीं है। विवियन ने आगे कहा कि बांग्लादेश और केन्या इस मुकाबले में भारत से ज्यादा तेजी से काम कर रहे हैं।विद्युत सेवा की विश्वसनीयता है चुनौती विवियन ने आगे कहा कि भारत अब विद्युतीकरण के क्षेत्र में अंतिम चरण में है। भारत वर्तमान में 80 फीसद का लक्ष्य पूरा कर चुका है लेकिन अब आगे की चुनौती और भी मुश्किल होगी, क्योंकि जितना दूरस्थ इलाके में जायेंगे उतना ही वहां बिजली की पहुंच मुश्किल होगी। हालांकि बिजली सेवा की विश्वसनीयता आज भी भारत में चिंता का विषय है। हम जानते हैं कि भारत के कुछ भागों में बिजली की सेवा आपूर्ति बाधित होती रहती है। इसलिए भारत को इस दिशा में भी अभी बहुत काम करना है। लोगों को बाधारहित बिजली की सेवा देना अभी भी एक चुनौती है।
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