जानें, क्या है SCO और इसकी अहमियत- sco-know-all-about

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग शनिवार को चीन के शहर किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सालाना शिखर बैठक से इतर मुलाकात करेंगे। भारत इस 8 सदस्यीय संगठन का अब स्थायी सदस्य है। आइए जानतें हैं कि SCO क्या है? यह क्यों महत्वपूर्ण है और इसके सामने क्या अहम चुनौतियां हैं? SCO का उद्देश्य शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना 2001 में हुई थी। इसके उद्देश्यों में सीमा विवादों का हल, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाना और सेंट्रल एशिया में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करना शामिल है। ये हैं SCO के सदस्य चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान। क्यों अहम है SCO? - इसे NATO को काउंटर करने वाले संगठन के तौर पर देखा जाता है - सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाता है - आतंकवाद से निपटने खासकर IS आतंकियों से निपटने में मदद करता है - क्षेत्र में आर्थिक सहयोग बढ़ाना SCO के सामने चुनौतियां भारत चीन के महत्वाकांक्षी 'वन बेल्ट वन रोड' (OBOR) प्रॉजेक्ट का विरोध करता है। भारत और पाकिस्तान के बीच परंपरागत तीखे रिश्ते भी SCO के सामने बड़ी चुनौती है क्योंकि दोनों ही देश इस संगठन के सदस्य हैं। इसके अलावा यूक्रेन को लेकर रूस और चीन के बीच तकरार भी SCO के सामने खड़ी चुनौतियों में से एक है।
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