दिव्यांग वोटरों के लिए घर में मतदान व्यवस्था पर विचार कर रहा चुनाव आयोग- election-commission-focuses-on-making-polls

नई दिल्ली :चुनाव आयोग दिव्यांगों के लिए मतदान की व्यवस्था आरामदेह बनाने के लिए कुछ नए कदम उठा सकती है। आयोग शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के लिए मतदान केंद्र तक आने और लाइन में लगने की परेशानी से बचने के लिए दूसरे वैकल्पिक माध्यमों पर विचार कर रही है। घर पर मतदान, पोस्टल वोट, मोबाइल पोलिंग स्टेशन और आने-जाने के लिए ट्रांसपॉर्ट की व्यवस्था करने जैसे उपायों पर आयोग विचार कर रहा है। इसके साथ ही मतदान केंद्र पर दिव्यांगों के लिए जल्दी मतदान करने और अग्रिम मतदान शुरू करने के उपाय शामिल हैं। पिछले सप्ताह चुनाव आयोग की आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में दिव्यांग जनों की मतदान में भागीदारी बढ़ाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। कमिशन ने बैठक में यह फैसला 'कोई वोटर छूट न जाए' के विचार के आधार पर लिया गया। इस बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सलाह ली गई जिनमें राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि, सरकार के मंत्री, दिव्यांग विशेषज्ञ और सिविल सोसाइटी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल है। लाइन में लगने और इंतजार करने की परेशानी दिव्यांगों को न उठानी पड़े इसके लिए चुनाव आयोग मतदान शुरू होने से पहले दिव्यांगों के लिए वोटिंग की व्यवस्था करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। शारीरिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए पोस्टल बैलेट का प्रयोग भी किया जा सकता है। इसके साथ ही हर निर्वाचन क्षेत्र में दिव्यांगों को मतदान केंद्र तक लाने के लिए विशेष वाहन का इंतजाम और मोबाइल पोलिंग स्टेशन बनाने जैसे विकल्प भी चुनाव आयोग की नजर में हैं। चुनाव आयोग को इन विशेष सुविधाओं को इस्तेमाल करने के लिए चुनाव नियमों में कुछ संशोधन करने होंगे। चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता है कि मतों की पूरी सुरक्षा और निष्पक्षता का ख्याल रखते हुए ऐसे कदम उठाए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों को मतदान की प्रक्रिया में भागीदार बनाया जा सके। पिछले सप्ताह ही चुनाव आयोग ने इस दिशा में कुछ बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया था कि दिव्यांगों के लिए ब्रेल लिपि वाले फोटो पहचान पत्र भी जारी किए। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं को चुनाव से पहले ब्रेल लिपि में ही मतदाता पर्ची भी मिलेगी। उन्होंने दिव्यांगों मतदाताओं के लिए विशिष्ट मतदान केंद्र बनाए जाने की योजना के बारे में बताया कि वृद्धाश्रम सहित ऐसे अन्य स्थानों पर विशिष्ट मतदान केंद्र बनाए जायेंगे जहां पर्याप्त संख्या में दिव्यांगों की मौजूदगी हो जिससे उन्हें सामान्य मतदान केंद्रो पर आने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।
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