यात्रियों को आराम देगी नई तरह की ट्रेन, दुनिया में पहली बार हुई टेस्टिंग

नई दिल्ली : अगर आपसे ऐसी ट्रेन के बारे में बात करें जिसके हजारों किलोमीटर की दूरी तय करने पर भी प्रदूषण नहीं होगा तो शायद आपको यकीन न हो. लेकिन यह पूरी तरह सच है, क्योंकि अब ऐसी ट्रेन बनकर तैयार हो गई है जो प्रदूषण मुक्त है. जर्मनी में पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की टेस्टिंग हुई है. यह दुनिया पहली हाइड्रोजन चलित ट्रेन है. हमें पता है आप अभी से इस ट्रेन के सफर के बारे में सोचकर खुश रहे हैं, लेकिन भारत में अभी ऐसी ट्रेन चलाने के बारे में कोई योजना निकट भविष्य में नहीं है. कामर्शियल सर्विस शुरू की गई कोराडिया इलिट (Coradia iLint) नाम की इस ट्रेन की नॉर्थ जर्मनी में हमबर्ग के पास कामर्शियल सर्विस शुरू की गई है. पहली बार इस हाइड्रोजन ट्रेन को 62 मील लंबे ट्रैक पर दौड़ाया गया. इस ट्रेन को फ्रेंच कंपनी अलस्टोम (Alstom) ने तैयार किया है. यह वही कंपनी है जिसने TGV बुलेट ट्रेन तैयार की है. इसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की मिक्सिंग से इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट करते हैं. यह इलेक्ट्रिसिटी ट्रेन में लगी लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करती है और इसकी मदद से ट्रेन ऑपरेट होती है. धुएं की बजाय भाप उत्पन्न होगी कंपनी का दावा है कि यह ट्रेन जीरो एमिशन पैटर्न पर चलती है यानी इससे बिल्कुल भी कार्बन डाइऑक्साइड नहीं निकलती. हाइड्रोजन ट्रेन के चलने पर धुएं की बजाय भाप उत्पन्न होती है. ट्रेन के चलने में बहुत कम शोर होता है. यह भी दावा किया जा रहा है कि हाइड्रोजन ट्रेन की स्पीड और पैसेंजर को ले जाने की क्षमता डीजल से चलने वाली ट्रेन के बराबर ही है. ट्रेन की टॉप स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटा है.फ्रांस में 2022 तक होगा संचालन फ्रांस की सरकार की तरफ से पहले ही कहा चुका है कि देश में 2022 तक हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा. ऐसा दावा है कि यह ट्रेन सिंगल टैंक हाइड्रोजन भरने पर एक हजार किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है. इस ट्रेन के चलने में डीजल ट्रेन से ज्यादा खर्च आता है. अब जब सरकार बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए डीजल और पेट्रोल कारों की बजाय इलेक्ट्रिक कारों पर जोर दे रही है तो हो सकता है आने वाले समय में भारत में भी ऐसी ट्रेनों का संचालन मुमकिन हो.
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