इमरान परमाणु हथियार छोड़ने को तैयार लेकिन अमेरिका में रखी ये शर्त- Loktantra Ki Buniyad

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा कि वह परमाणु हथियार छोड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्होंने इसके साथ एक शर्त भी रखी.यूएस दौरे पर पहुंचे इमरान खान ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अगर भारत परमाणु हथियार छोड़ने का वादा करे तो पाकिस्तान भी ऐसा करने के लिए तैयार है.इंटरव्यू में जब इमरान से पूछा गया कि अगर भारत परमाणु हथियार को छोड़ने के लिए तैयार हो जाए तो क्या पाकिस्तान भी ऐसा करेगा? इमरान खान ने जवाब दिया, हां, क्योंकि परमाणु युद्ध कोई विकल्प नहीं है. भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की बात करना आत्मघाती है क्योंकि हमारी साझा सीमा 2500 मील लंबी है.इमरान ने कहा, फरवरी महीने में कुछ ऐसी घटनाएं हुईं और सीमा पर फिर तनाव बढ़ गया. एक भारतीय प्लेन पाकिस्तान में मार गिराया गया. इसीलिए लोगों को एहसास है. मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा कि क्या वह अपनी भूमिका निभा सकते हैं, यूएस दुनिया का सबसे ताकतवर देश है, वह इकलौता देश है जो भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कर सकता है और मुद्दा केवल कश्मीर ही है.पाकिस्तान दुनिया के 8 परमाणुशक्ति संपन्न देशों में से एक है और शायद परमाणुशक्ति संपन्न उत्तर कोरिया से भी बड़ा खतरा पैदा करता है. यह बात किसी से छिपी हुई नहीं है कि पाकिस्तान आतंकी समूहों को अपनी जमीन पर सुरक्षित पनाह देता है जो भारत, अफगानिस्तान और ईरान हर तरफ हमले करते रहते हैं.खान ने आगे कहा, पिछले 70 सालों से हम सभ्य पड़ोसियों की तरह नहीं रह सके, तो इसकी केवल एक ही वजह है- कश्मीर.पाकिस्तान अक्सर भारत से विवाद की स्थिति में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी देता रहता है. SIPRI के मुताबिक, पाकिस्तान के पास 140 से 150 परमाणु बम हैं जबकि भारत के पास 130-140 परमाणु बम हैं. इंडिया स्पेंड की अप्रैल 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के 66 फीसदी परमाणु हथियार बैलिस्टिक मिसाइल पर तैनात हैं. 'बुलेटिन ऑफ द एटोमिक साइंटिस्ट डेटा' के अनुमान के मुताबिक, पाकिस्तान की 66 फीसदी परमाणु हथियार 86 बैलिस्टिक मिसाइलों पर तैनात हैं.इंटरव्यू में ट्रंप के कश्मीर मुद्दे पर पीएम मोदी के मध्यस्थता के अनुरोध वाले बयान पर भारत की प्रतिक्रिया का जिक्र किया गया. भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, हमने राष्ट्रपति के प्रेस में दिए गए बयान को देखा है कि वह भारत और पाकिस्तान के अनुरोध पर कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं. इस तरह का कोई अनुरोध प्रधानमंत्री मोदी ने यूएस राष्ट्रपति से नहीं किया है. भारत का लंबे समय से यही पक्ष रहा है कि पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही हल किए जाएंगे. पाकिस्तान के पास वर्तमान में त्रिपक्षीय परमाणु शक्ति है. वह जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हमला करने में सक्षम है. इसके अलावा, पाकिस्तान ने भारत की तरह परमाणु हथियार का पहले इस्तेमाल करने की कोई नीति भी नहीं बना रखी है यानी वह पहले भी हमला कर सकता है.
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