दिल्ली में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर कांग्रेस में घमासान- Loktantra Ki Buniyad

नई दिल्ली: दिल्ली कांग्रेस में गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। दिल्ली के तीनों कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश प्रभारी पीसी चाकों और शीला दीक्षित के बीच मतभेद एक बार फिर सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हारून युसुफ, देवेंद्र यादव और राजेश लिलोठिया ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर शीला दीक्षित की शिकायत की है। इसके अलावा इन तीनों नेताओं ने प्रदेश प्रभारी पीसी चाको, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को भी चिट्ठी लिखी है। पत्र में शीला दीक्षित की शिकायत करते हुए कहा गया है कि उन्हें बिना विश्वास में लिये 14 जिला और 280 ब्लॉक पर्यवेक्षकों की घोषणा शीला दीक्षित ने की है।उधर, दिल्ली कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने शीला दीक्षित को पत्र लिखकर पूछा है कि बिना उनसे सलाह मशविरा किये 14 जिला और 280 ब्लॉक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति क्यों की गई।इससे पहले दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने शुक्रवार को 14 जिला और 280 ब्लॉक पर्यवेक्षकों की घोषणा की थी। इसके साथ ही यह घोषणा जहां विवादों और सवालों के घेरे में आ गई, वहीं शीला और चाको गुट में रार और अधिक बढ़ गई है। प्रदेश के तीनों कार्यकारी अध्यक्षों सहित प्रदेश प्रभारी ने भी इस घोषणा की पूर्व में जानकारी से पूर्णतया अनभिज्ञता जाहिर की थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक करीब पखवाड़े भर पूर्व जब प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित की ओर से 280 ब्लॉक समितियां भंग करने का आदेश आया तो इसका प्रदेश प्रभारी पी सी चाको और दो कार्यकारी अध्यक्षों हारून यूसुफ एवं देवेंद्र यादव ने कड़ा विरोध जताया था। वजह, उन्हें विश्वास में नहीं लिया जाना था। चाको ने शीला को एक पत्र लिखकर इस आदेश पर स्टे लगाने का भी निर्देश जारी किया था। इसी बीच शीला दिल की बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती हो गईं। चाको के निर्देश पर ही शीला ने शुक्रवार शाम राजेश लिलोठिया सहित तीनों कार्यकारी अध्यक्षों की बैठक रखी थी। ताकि गलतफहमियां दूर की जा सकें, लेकिन यह बैठक अपरिहार्य कारणों से नहीं हो सकी। इसके विपरीत शीला के हस्ताक्षर के साथ जिला एवं ब्लॉक पर्यवेक्षकों की घोषणा कर दी गई।
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