कॉर्पोरेट सेक्टर और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए बड़ी सौगात, जानिए एक्सपर्ट क्यों कह रहे 'मिनी बजट'

मुंबई: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले कॉर्पोरेट सेक्टर और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए बड़ी सौगातों का ऐलान किया। विशेषज्ञ इसे 'मिनी बजट' और इकॉनमी व बाजार के लिए 'समय से पहले दिवाली' करार दे रहे हैं। आइए बताते हैं कि एक्सपर्ट इसे क्यों कह रहे हैं मिनी बजट और क्या हैं इसके मायने।- 1 अक्टूबर के बाद स्थापित होने वाली मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों के पास 15 प्रतिशत टैक्स अदा करने का विकल्प होगा। सरचार्ज और टैक्स मिलाकर नई मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों पर इफेक्टिव टैक्स 17.01 प्रतिशत होगा। इसके अलावा, 5 जुलाई 2019 से पहले शेयर बायबैक का ऐलान करने वाली लिस्टेड कंपनियों को शेयरों के बायबैक पर कोई चार्ज नहीं देना होगा। - विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा हासिल किए गए कैपिटल गेन पर हायर सरचार्ज लागू नहीं होगा। इक्विटी सेल या इक्विटी ओरिएंटेड फंड से हुए कैपिटल गेन पर भी बढ़ा हुआ सरचार्ज नहीं लगेगा।- डोमेस्टिक और नई लोकल मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों पर कॉर्पोरेट टैक्स घटाया गया है। अब इन पर 22 प्रतिशत टैक्स लगेगा। सारे सरचार्ज और सेस मिलाकर इन पर प्रभावी टैक्स 25.17 प्रतिशत होगा। - कॉर्पोरेट सेक्टर और विदेशी पोर्टफोलियों निवेश (FPI) के लिए सरकार ने कितनी बड़ी सौगात दी है, इसका अंदाजा शेयर बाजार के सेंटिमेंट से भी लगाया जा सकता है। वित्त मंत्री के ऐलान के कुछ ही देर में शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों की चांदी हो गई और बीएसई के बाजार पूंजीकरण में 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हो गया। - विशेषज्ञों ने निर्मला सीतारमण के ऐलान को मिनी बजट की संज्ञा दी है। प्रभुदास लीलाधर में पोर्टफोलियों मैनेजमेंट सर्विसेज के सीईओ अजय बोडके ने इस कदम को अर्थव्यवस्था के लिए बहुत शानदार बताया है। उन्होंने कहा, 'कॉर्पोरेट टैक्स घटाकर सरकार ने रेड कार्पेट बिछा दिया है जो मिडियम टर्म में सैकड़ों अरब डॉलर की FDI और FII को को सुनिश्चित करेगा। असल में यह समय से पहले दिवाली के आने जैसा है जिससे भारतीय इकॉनमी पर छाया अंधेरा छट जाएगा।' बाजार में बहार, समय से पहले दिवाली कॉर्पोरेट जगत को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा टैक्स कटौती की सौगात के ऐलान के बाद शेयर बाजार में तुरंत तेजी देखने को मिली और बाजार लगातार छलांग लगाता जा रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स सुबह 11:50 के आसपास करीब 1685 अंक ऊपर और एनएसई का निफ्टी करीब 400 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 11,193 अंकों पर देखा गया। प्रमुख इंडेक्सेस 2 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। करीब 10 साल बाद बाजार में इतनी तेजी देखने को मिल रही है। कॉर्पोरेट जगत के लिए वित्त मंत्री सीतारमन ने जो ऐलान किए, उसे कुछ ऐनालिस्ट्स ने 20 अरब डॉलर के टैक्स बोनांजा कहा है। ऐलान के बाद 10 सालों में पहली बार इतनी बड़ी छलांग लगाई। टैक्स टर घटाए जाने के बाद अब दक्षिण एशियाई देशों में कॉर्पोरेट टैक्स दर सबसे कम हो गई है, नए मैन्युफैक्चरर्स के लिए टैक्स की न्यूनतम दर 15% पर पहुंच गई है। अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की वित्त मंत्री की घोषणा से रुपये में भी उछाल देखने को मिली। रुपया 66 पैसे उछलकर 70.68 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। क्यों झूम उठा बाजार शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के लिए क्या खास कंपनियों के लिए एक और सौगात का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 5 जुलाई 2019 से पहले शेयरों के बायबैक का ऐलान करने वाली कंपनियों पर सुपर रिच टैक्स नहीं लगेगा। कैपिटल गेन्स पर टैक्स नहीं कैपिटल मार्केट में फंड का प्रवाह बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि जुलाई में बजट में बढ़ाया गया सरचार्ज कंपनी में शेयरों की बिक्री और इक्विटी फंड यूनिट बिक्री से होने वाले कैपिटल गेन्स पर प्रभावी नहीं होगा। इसमें FPIs के डेरिवेटिव्स भी शामिल हैं।
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