अब 'सिंगल यूज प्‍लास्टिक' का इस्‍तेमाल करें बंद : ऊषा इंटरनेशनल- Loktantra Ki Buniyad

अब जब भी आपका मन प्‍लास्टिक की बोतल का इस्‍तेमाल करने का हो, पहले रुकें, थोड़ा विराम लें और सोचें। वाटर डिस्‍पेंसर्स और वाटर कूलर्स पर ऊषा का नया टीवी विज्ञापन सिंगल यूज प्‍लास्टिक के इस्‍तेमाल से हो रही पर्यावरणीय चुनौतियों के बारे में बताता है नई दिल्‍ली, सितंबर 2019 : भारत की एक प्रमुख कंज्‍यूमर ड्यूरेबल्‍स कंपनी ऊषा इंटरनेशनल ने आज अपने वॉटर सॉल्‍यूशन्‍स के लिये एक नया कैम्‍पेन लॉन्‍च किया है। इस कैम्‍पेन में सिंगल यूज प्‍लास्टिक के इस्‍तेमाल को बंद करने की हिमायत की गई है। पूरी धरती पर प्‍लास्टिक प्रदूषण छाया हुआ है। पहाड़ों से लेकर गहरे समुद्र तक प्‍लास्टिक का कचरा फैला हुआ है और यह दुनिया भर में एक सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौती बनकर उभर रहा है। आपको ऐसा लग सकता है कि यह बस एक बोतल है, जिसे आपने बर्बाद कर दिया है, लेकिन ऐसी सोच रखने वाले लाखों लोग हैं। ये सभी मिलकर अकेले भारत में सिर्फ एक दिन में 25,000 टन प्‍लास्टिक का कचरा जमा कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इनमें से 80% कचरे को पुनर्चक्रित नहीं किया जा सकता है और कम से कम 40% प्‍लास्टिक का बिखरा हुआ कचरा जलीय निकायों को प्रदूषित कर रहा है, नालियों एवं नदी प्रणाली को जाम कर रहा है, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को गंदा कर रहा है और इससे काफी नुकसान पहुंच रहा है। इस नजरिये से यदि देखें, तो एक टन प्‍लास्टिक का मतलब है आधा लीटर की लगभग 36,000 बोतलें। तो अब आप ही सोच लें, कि हम कितना प्‍लास्टिक का कचरा पैदा कर रहे हैं- हर दिन लगभग एक छोटे पहाड़ जितना। वास्‍तव में, यह इतना गंभीर विषय है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की प्राथमिकताओं मे से एक है और उन्‍होंने देश भर के नागरिकों से 'सिंगल यूज प्‍लास्टिक' का इस्‍तेमाल बंद करने का आग्रह किया है। संदीप तिवारी, प्रेसिडेंट मार्केटिंग, ऊषा इंटरनेशनल ने कहा, ''भारत के प्रमुख ब्रांड होने के नाते, यह हमारी जिम्‍मेदारी है कि हम हमारे समाज को प्रभावित करने वाले नेक कार्यों में अपना योगदान दें। इस फिल्‍म के माध्‍यम से हम सिंगल यूज प्‍लास्टिक बोतलों के प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि लोग इसके कारण होने वाले नुकसान के बारे में संवेदनशील बनें और हमें उम्‍मीद है कि हम उनके व्‍यवहार में परिवर्तन लाने के लिये उन्‍हें प्रेरित कर पायेंगे। हम चाहते हैं कि लोग प्‍लास्टिक से होने वाले दुष्‍प्रभावों के बारे में सोचें। हम उनसे स्‍थायित्‍वपूर्ण वैकल्पिक समाधानों का इस्‍तेमाल कर उनसे धरती की जरूरतों को समझने का आग्रह करते हैं। हम लोगों से अनुरोध करना चाहते हैं कि वे अपने गिलासों में सीधे डिस्‍पेंसर्स से पानी भरें और पानी की प्‍लास्टिक की बोतलों का इस्‍तेमाल करना बंद कर दें। एक स्‍थायित्‍वपूर्ण समाधान डिस्‍पेंसर्स की पेशकश कर ऊषा द्वारा पीने के पानी की स्‍वच्‍छता एवं सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है।'' फिल्‍म के प्रोड्यूसर राज कौशल ने कहा, ''मेरा विश्‍वास इस कथन में है कि यह धरती हमें हमारे पूर्वजों से विरासत में नहीं मिली है, बल्कि हमारे बच्‍चों के लिये इसे हमने अमानत के तौर पर उनसे लिया है। यह फिल्‍म मेरे बेटे वीर के लिये है और उम्‍मीद है कि हम भारत को सिंगल यूज प्‍लास्टिक से मुक्‍त बना पायेंगे।''
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