ISIS के खिलाफ अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, बगदादी को बनाया निशाना- Loktantra Ki Buniyad

नई दिल्ली: अमेरिका ने ISIS आतंकी संगठन के सरगना अबू बकर अल बगदादी के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया है। डॉनल्ड ट्रंप ने भी रविवार को ट्वीट करके कहा था कि कुछ बड़ा हुआ है। हालांकि उन्होंने इसकी कोई डीटेल नहीं दी थी। माना जा रहा है कि उन्होंने इसी संबंध में यह ट्वीट किया था। हालांकि बगदादी से संबंधित अभी और कोई खुलासा नहीं किया गया है। वाइट हाउस ने ट्वीट करके कहा था कि ट्रंप प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बड़ी बात बताने वाले हैं। हो सकता है कि इस संबंध में डॉनल्ड ट्रंप खुद कोई बड़ा ऐलान करें। इससे पहले भी बगदादी के मारे जाने की खबरें आई हैं लेकिन कभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।अमेरिकी मीडिया का भी कहना है कि बगदादी को मार दिया गया है लेकिन इसका ऐलान राष्ट्पति ट्रंप करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने पश्चिमी सीरिया में रेड डालकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन कुछ वैसे ही था जैसे पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मारने के लए चलाया गया था। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि रेड के दौरान बगदादी ने आत्मघाती हमला किया। उसके शव के डीएनए टेस्ट के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी। सीरिया के सूत्रों ने ईरान को भी खबर दी है कि बगदादी को मार दिया गया है।इससे पहले अमेरिका के रक्षा मंत्री एस्पर ने भी कहा था कि सीरिया में ISIS को परास्त करने के लिए अतिरिक्त सैनिक टुकड़ियां और टैंक भेजे जाएंगे इससे पहले सीरिया में अमेरिका ने टैंक नहीं भेजे थे। रक्षा मंत्री ने कहा था कि 500 से ज्यादा सैन्य टुकड़ियां तैनात की जाएंगी क्योंकि आईएसआईएस तेल भंडार पर कब्जा करने की कोशिश में है। बता दें कि अबू बकर अल बगदादी अकसर विडियो जारी करके भी दहशत फैलाने की कोशिश करता है। कौन है बगदादी? बगदादी ISIS आतंकी संगठन का सरगना है जो कि ईराक और सीरिया में रहता है। हालांकि इसके सही ठिकाने की जानकारी अभी नहीं मिली है। वह बगदाद शहर में एक निम्न मध्यवर्गीय परिवार में पैदा हुआ था। शुरू से ही वह कट्टरवादी विचारधारा का था। यहां तक कि अपने परिवार में भी उसने कठिन नियम बनाए थे और लोगों को दंडित भी करता था। बगदाद यूनिवर्सिटी में उसने कुरान की पढ़ाई की। उसने मास्टर और पीएचडी हासिल की। इसके साथ ही वह अलकायदा सहित कई आतंकी संगठनों के संपर्क में आया। 2003 में ईराक में जब आमेरिका की सेना ने प्रवेश किया तो वह एक मस्जिद में मौलवी था। 2004 में वह गिरफ्तार किया गया और कई महीनों तक अमेरिका की जेल में रहा। अमेरिका ने उसे छोड़ा तो वह सीरिया चला गया और वहां उपदेश देने और कट्टरपंथी गुट बनाने का काम करने लगा। 2006 में बगदादी ने इराक में अलकायदा की एक शाखा को खत्म करके उसे बगदादी आईएसआई का नाम दे दिया। फिर 2013 में इसी संगठन का नाम 'इस्लामिम कस्टेट इन इराक ऐंड अल शाम/द लेवांत' कर दिया। इसके बाद बगदादी ने इराक और सीरिया के कई इलाकों पर कब्ज कर लिया और इस्लामिक स्टेट की घोषणा कर दी। अमेरिकी फौज लगातार उसके खिलाफ ऑपरेशन चलाती रही हैं।
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