सावरकर के नाम पर घमासान, पर इंदिरा गांधी खुद कर चुकी हैं उनका सम्मान-Loktankra Ki Buniyad



नई दिल्ली: महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आए हैं। बीजेपी ने घोषणा की है कि सत्ता में आने पर वह वीर सावरकर के नाम की सिफारिश देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए करेगी। इसके बाद से कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि कालापानी से वापस आने के लिए उन्होंने अंग्रेजो को माफीनामा लिखकर दिया था, इसलिए वह भारत रत्न के हकदार नहीं हैं। भले ही कांग्रेस आज सावरकर का मुखर विरोध कर रही है, लेकिन अतीत में उनके सम्मान में कसीदे भी पढ़ चुकी है।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लिखा गया एक पत्र पोस्ट किया है। इस पत्र में इंदिरा गांधी ने लिखा था कि सावरकर द्वारा साहसपूर्वक ब्रिटिश सरकार की आज्ञा का उल्लंघन करना हमारे स्वतंत्रता के संग्राम में अलग महत्व रखता है।मुंबई में गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी कहा कि कांग्रेस वीर सावरकर के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘आपको याद होगा कि इंदिरा जी ने उनके (सावरकर) सम्मान में डाक टिकट जारी किया था। हम सावरकर के खिलाफ नहीं हैं, हम उस हिंदुत्व के खिलाफ हैं जिसे उन्होंने संरक्षण दिया और जिसके लिए वह खड़े हुए।’ उधर, सावरकर के पोते रंजीत ने शुक्रवार को दावा किया कि इंदिरा सावरकर की समर्थक थीं। उन्होंने कहा, ‘इंदिरा पाकिस्तान को घुटनों पर लेकर आईं, सेना और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत किया, परमाणु परीक्षण तक कराया। यह सभी बातें नेहरू और गांधी की विचारधारा के उलट थीं।’ बीजेपी आईटी सेल के संयोजक अमित मालवीय ने भी मनमोहन सिंह की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी के मूल्यों को त्याग चुकी है, पर इंदिरा गांधी का क्या, वह तो उनकी अपनी थीं। अमित मालवीय ने ट्वीट में लिखा है, ‘इंदिरा भी सावरकर को महान क्रांतिकारी बताते हुए उनकी तारीफ कर चुकी हैं, क्या कांग्रेस ने उनको भी भुला दिया क्योंकि उनके विचार कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व की कट्टर संकीर्ण राजनीति से मेल नहीं खाती है।’ अमित मालवीय ने दावा किया कि इंदिरा गांधी ने सावरकर के सम्मान में डाक टिकट जारी करने के अलावा अपने निजी खाते से सावरकर ट्रस्ट को 11 हजार रुपये दान किए थे। दावे के मुताबिक, इंदिरा गांधी ने फिल्म्स डिवीजन को ‘महान स्वतंत्रता सेनानी’ पर डॉक्युमेट्री बनाने का निर्देश दिया था और इसे उन्होंने खुद ही क्लीयर भी किया था।
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