सचिन तेंदुलकर ने बताया, कितनी मुश्किल होगी टीम इंडिया के लिए टेस्ट सीरीज- Loktantra Ki Buniyad

नई दिल्ली: विशाखापत्तनम में भारत और दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच बुधवार को टेस्ट सीरीज का आगाज हो रहा है. आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पिनशिप (World Test Championship) में टीम इंडिया की यह पहली घरेलू टेस्ट सीरीज है. इस सीरीज के लिए टीम इंडिया के महान बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) काफी उत्सुक हैं. उनका मानना है की टेस्ट चैम्पियनशिप सीरीज को और दिलचस्प बना देगी. किस बारे में बात की सचिन ने सचिन ने टेस्ट मैच से पहले टेस्ट चैम्पियनशिप, टीम इंडिया में बुमराह की गैरमौजूदगी, दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी और टीम इंडिया की बैटिंग लाइन अप के बारे में विस्तार से चर्चा की. सचिन का मानना है कि विराट कोहली बुमराह को बहुत ज्यादा मिस करेंगे. सचिन का मानना है की टीम के लिए बुमराह की भरपाई करने की जरूरत होगी, जोकि काफी मुश्किल काम होगा.बुमराह का न होना सचिन ने कहा कि बुमराह का न होना टीम पर बेशक असर डालेगा. लेकिन सचिन को लगता है कि टीम में बुमराह की भरपाई करने की क्षमता है. सचिन टीम इंडिया की गेंदबाजी के दोनों विभाग पेस और स्पिन से संतुष्ट नजर आए. उन्होंने कहा कि टीम के पास अच्छा बैकअप और अनुभव है. वहीं स्पिन गेंदबाजी मेहमान टीम पर दबाव बनाने में सक्षम होगी. सचिन ने कहा कि टीम में बाएं हाथ का पेसर अटैक में विविधता लाता है और स्पिनर्स के लिए मददगार भी साबित होता है. टेस्ट चैंपियनशिप के बारे में सचिन ने कहा कि चैंपियनशिप टेस्ट मैचों में रोमांच लाने का काम कर रही है. इससे हर टीम प्वाइंट टेबल में ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल करना चाहती है. इससे दर्शकों में भी उत्साह आएगा. सचिन ने कहा कि चैम्पियनशिप के अंतिम छह महीने काफी रोमांचकारी होंगे. चैंपियनशिप क्रिकेट के साथ-साथ सभी के लिए अहम होगी. अब खिलाड़ी हर मैच जीतने की कोशिश करेंगे. सचिन ने कहा कि पहले तीन टेस्ट की सीरीज में यदि कोई टीम पहले दो टेस्ट मैच जीत लेती थी तो तीसरे टेस्ट में उत्साह खत्म हो जाता था. अब ऐसा नहीं होगा.वर्तमान सीरीज के बारे में सचिन ने कहा कि यह एक अच्छी सीरीज होने वाली है. मेहमान टीम के पास कुछ अच्छे बल्लेबाज हैं लेकिन ऐसे कम बल्लेबाज हैं जो काफी समय से इस प्रारूप में खेल रहे हैं. उन्हें सामन्जस्य बिठाना होगा. सकारात्मक सोच के अलावा कोई विकल्प नहीं है. भारतीय गेंदबाजों के एसजी गेंद कैसे इस्तेमाल करनी है पता है. भारत में शुरू के ओवरों के बाद गेंद खेलना मुश्किल होता है. भारतीय गेंदबाज हालातों का कैसे इस्तेमाल करते हैं, यह देखना होगा.सचिन ने साफ कहा कि दक्षिण अफ्रीका के लिए यह एक मुश्किल सीरीज होगी. सब कुछ इस पर निर्भर करता है कि बोर्ड पर रन कैसे लगाए जा रहे हैं. यह मेहमान टीम के लिए ज्यादा अहम होगा. सचिन को लगाता है कि यह फाफ की टीम के लिए आसान नहीं होगा. दक्षिण अफ्रीका में ज्यादातर खिलाड़ी युवा हैं और उन्हें टेस्ट मैचों का खास अनुभव नहीं हैं.
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