एयर पलूशन: लुधियाना में किसानों ने जलाई पराली, 45 एफआईआर और 22 किसान गिरफ्तार

चंडीगढ़: हरियाणा के कई क्षेत्रों में पराली जलाए जाने से दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर समेत कई जगहों पर जहरीली हवा लोगों की सांसों में घुल रही है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स देखकर लोगों के होश फाख्ता हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस पर कड़े निर्देश भी दिए थे, जिसके बावजूद मंगलवार को पराली जलाए जाने से संबंधित कई मामले सामने आए। नियमों को धता साबित करने पर लुधियाना में उन किसानों पर कार्रवाई की गई, जो अपने खेतों में खड़ी पराली जला रहे थे। जिला प्रशासन ने ऐसे 45 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 22 किसानों को गिरफ्तार भी किया गया है। प्रशासन की ओर से लिए गए इस ऐक्शन के बाद हड़कंप मच गया है। बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को सख्त तेवर दिखाए और पराली जलाए जाने पर टिप्पणी की। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि किसान अपनी आजीविका के लिए दूसरों की जान नहीं ले सकते हैं। यदि वे ऐसा करते रहे तो हमें उनसे कोई सहानुभूति नहीं होगी।'दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी में न कटे बिजली' सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बिजली न काटी जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इन राज्यों की एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति सोमवार को बैठक करेगी और 6 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में रिपोर्ट पेश करेगी। इस तरह से नहीं जिया जा सकता: SC कोर्ट ने कहा, 'इस तरीके से नहीं जिया जा सकता। केंद्र सरकार, राज्य सरकार को कुछ करना चाहिए। इस तरह से नहीं चल सकता। यह बहुत ज्यादा है। शहर में कोई कमरा, कोई घर सेफ नहीं है। हम इस पलूशन के चलते जिंदगी के कीमती साल गंवा रहे हैं।' सुप्रीम कोर्ट ने इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को भी इस मामले को लेकर अदालत के सामने पेश होने को कहा है। साथ ही दिल्ली और केंद्र सरकार से एक्सपर्ट की सलाह लेकर तत्काल जरूरी कदम उठाने को कहा है।
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