क्‍यों बीजेपी के साथ मिलकर नहीं बन पाई सरकार

मुंबई : शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने शुक्रवार को मातोश्री में अपने विधायकों के साथ बैठक में उन्‍हें वो सब बातें बताईं, जिनकी वजह से बीजेपी (BJP) और शिवसेना गठबंधन के तहत सरकार नहीं बना सके. दरअसल, महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार गठन को लेकर तेज कवायदों के बीच आज शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों के साथ अपने निवास स्थल मातोश्री पर मीटिंग की. इसमें उन्‍होंने विधायकों को बताया कि क्यों वह कांग्रेस-एनसीपी (Congress-NCP) का साथ लेकर सरकार बनाना चाहते हैं. मीटिंग में सभी विधायकों ने उद्धव ठाकरे से मांग की कि वह ही मुख्यमंत्री बनें. -उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने बालासाहेब को वचन दिया था कि वे मुख्यमंत्री पद पर एक शिवसैनिक को बैठाएंगे. ये कुर्सी उन्होंने अपने लिए नहीं मांगी है. ऐसे में विधायकों ने एक स्वर में कहा कि जनता के बीच से जो चुनकर आया, ऐसा नेता उन्हें मुख्यमंत्री पद पर आसीन चाहिये. ये फैसला उद्धव ठाकरे पर उन लोगों ने छोड़ दिया है. मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे के नाम पर ज्यादातर लोगों ने सहमति दी. यानी शिवसेना की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए एकनाथ शिंदे का नाम आगे चल रहा है, लेकिन विधायकों ने फ़ैसले का पूरा अधिकार उद्धव ठाकरे को दिया.शिवसेना विधायकों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा बीजेपी ने हमे धोखा दिया. हमें NDA से बाहर निकाला.उन्‍होंने कहा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दीपावली के समय 50-50 फॉर्मूले पर झूठ बोला है. बीजेपी दूसरे राज्य में यानी कश्मीर में पीडीपी और कुछ राज्यों में विपरीत विचारधारा के साथ सरकार बना सकती है. मुख्यमंत्री पद के लिए समझौता कर सकती है, लेकिन हमारे साथ ऐसा नहीं कर सकते. उन्‍होंने यह भी कहा कि गठबंधन टूटा तो इसे रोकने के लिए अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई पहल नहीं की. हमे एनडीए तक से बाहर निकाला. इसीलिए शिवसेना को ये निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ा. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा, लेकिन कौन मुख्यमंत्री होगा, यह बात क्लियर नहीं हो पाई. शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने बताया कि सभी विधायक चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनें. उद्धव मुख्यमंत्री नहीं बनते हैं तो एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई, संजय राउत इन तीन नामों की चर्चा है. लेकिन सबसे आगे नाम एकनाथ शिंदे का चल रहा है. हालांकि सभी विधायकों को कहा कि मुख्यमंत्री पद के नामों की चर्चा पर विधायक बात न करें. साथ ही सभी ने एक स्वर में उद्धव ठाकरे के फ़ैसले को आखिरी फैसला मानने की बात कही है.
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