दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश, प्रदूषण से मिल सकती है राहत

नई दिल्ली: दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में जमकर पटाखे फोड़ने और हरियाणा-पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं ने वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक कर दिया है। दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत में वायु गुणवत्ता स्तर (Air Quality Index) 300 से 500 के आसपास बना हुआ है, जो लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। लोगों ने आंखों में जलन के साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें की हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में लगातार जहरीली होती जा रही हवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गंभीर हो गया है। इस बाबत पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने 4 नवंबर को वायु प्रदूषण को लेकर एक रिपोर्ट दाखिल करेगा, जिस पर सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा।वहीं, अरुण मिश्रा की अगुआई में पड़ोसी राज्यों पंजाब-हरियाणा में जलाई जा रही पराली को लेकर भी सुनवाई करेगा। वहीं, गैस चैंबर बनी दिल्ली के साथ एनसीआर के लोगों के लिए राहत की खबर है। जहां शनिवार शाम से हल्की हवा का चलना जारी है, वहीं रविवार सुबह भी हवा चल रही है और कई गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत एनसीआर के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हो रही है। नोएडा में भी हल्की-हल्की बारिश हो रही है। प्रदूषण को लेकर हरियाणा सरकार के बचाव में उतरे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल जो आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं वे तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पहले दिल्ली में जलाए जा रहे कूड़े पर अंकुश लगाएं और दिल्ली से लगते हुए सभी राज्यों की एक बैठक आयोजित करें। इसमें प्रदूषण की समस्या का समाधान सुझाएं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल राजनीति से ऊपर उठकर प्रदूषण की समस्या का समाधान करवाएं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक केवी सिंह के मुताबिक, शनिवार शाम से हवा की गति में इजाफा हो सकता है। फिर 6 नवंबर के बाद बारिश भी हो सकती है। नोएडा शहर की हवा बेहद जहरीली हुई तब प्रशासन एक्शन में आया है। शनिवार को प्रशासन ने सेक्टर 32 स्थित वेब सिटी के प्रोजेक्ट पर चल रहे निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगा दिया है। मौके से 25 लोगों को गिरफ्तार कर 2 आरएमसी प्लांट बन्द करा कर पोपलेन को जब्त कर लिया है।पंजाब के सीएम ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली के प्रदूषण मुद्दे पर लिए केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है।
Share on Google Plus

0 comments:

Post a comment