महाराष्ट्र: जारी है एनसीपी-कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित मीटिंग, रद्द होने की आई थी खबर

मुंबई:महाराष्ट्र में हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा जारी है। सरकार गठन को लेकर बुधवार को शिवसेना संग हुई बैठक के बाद एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बहुप्रतीक्षित मीटिंग अभी भी चल रही है। इससे पहले खबर आई थी कि कांग्रेस नेता अशोक चव्‍हाण के ऑफिस में होने वाली यह बैठक रद्द हो गई है पर एनसीपी लीडर जितेंद्र अव्‍हाद का बयान आया है कि कुछ बातों को गोपनीय रखा जाता है इसलिए अजित पवार ने कह दिया कि बैठक रद्द हो गई है। पर सच्‍चाई ये है कि मीटिंग अभी भी चल रही है और अजित पवार बैठक में मौजूद हैं।बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में कांग्रेस और एनसीपी के नेता महाराष्‍ट्र में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम और शिवसेना के साथ सरकार की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं। बैठक में एनसीपी की तरफ से अजित पवार के अलावा जयंत पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और नवाब मलिक जबकि कांग्रेस खेमे से बालासाहब थोराट, पृथ्‍वीराज चव्‍हाण, सुशील कुमार शिंदे, अशोक चव्‍हाण, मानिकराव ठाकरे और विजय वडेट्टीवार शामिल हैं। इससे पहले, महाराष्ट्र में किसी भी पार्टी द्वारा सरकार बनाने का दावा पेश ना किए जाने के बाद राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। हालांकि, शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच सरकार बनाने को लेकर बातचीत चल रही है। बुधवार को शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे और कांग्रेस नेताओं के बीच लगभग 50 मिनट तक बैठक हुई।इससे पहले एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने कहा था, 'जहां तक शिवसेना से चर्चा का सवाल है, हम गठबंधन के सहयोगियों के साथ चर्चा करने के बाद ही ऐसा करेंगे, क्योंकि हमारे पास एक कॉमन मेनिफेस्टो था। शिवसेना का मेनिफेस्टो अलग था। इसलिए हम पहले कांग्रेस के साथ रणनीति बनाएंगे और उसके बाद शिवसेना से चर्चा करेंगे।' अजित पवार ने कहा था कि नए साल से पहले महाराष्ट्र को नई सरकार मिलेगी। एनसीपी ने अपने नेताओं की एक कमिटी बनाई है जो कांग्रेस के साथ कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर बात करेगी। इस कमिटी में जयंत पाटील, अजित पवार, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और नवाब मलिक शामिल हैं।वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर पहली बार बोलते हुए कहा कि शिवसेना की मांग स्वीकार्य नहीं है। शाह ने कहा कि कई बार मैं और पीएम नरेंद्र मोदी सार्वजनिक तौर पर कह चुके थे कि अगर हमारा गठबंधन चुनाव जीतेगा तो देवेंद्र फडणवीस सीएम होंगे। उन्होंने कहा कि उस समय किसी ने इसका विरोध नहीं किया था। अब वे नई मांग के साथ सामने आए हैं जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
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