जानें किन देशों में फ‍िर लगा लॉकडाउन, खतरनाक दहलीज पर खड़ा भारत, वैक्‍सीनेशन में कहां खड़े हैं हम


 

देश-द‍ुनिया में कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहले से ज्‍यादा खतरनाक और तेजी से फैल रहा है। अगर देश में तीन महीनों को आंकड़ों को देखा जाए तो काफी कुछ तस्‍वीर साफ हो जाएगी। देश में 10 जनवरी, 2021 को 18 हजार से ज्‍यादा मामले आए थे। फरवरी में थोड़ी राहत महसूस हुई, कोरोना का संक्रमण कुछ कम होना शुरू हुआ, लेकिन मार्च में कोरोना वायरस ने तेजी से पांव फैलाया। मार्च के महीने में आंकड़ों को देखा जाए तो 10 मार्च को 17 हजार 20 मार्च को 40 हजार और 1 अप्रैल को यह बढ़कर 72 हजार के पार कर गया। इस बार कोरोना की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। ब्रिटेन के कुछ शहरों में लॉकडाउन लग गया है। इसके अलावा बेल्जियम में तीसरी बार लॉकडाउन की जरूरत महसूस हो रही है। इटली में तीन बार लॉकडाउन लगाया जा चुका है। च‍िली में भी लॉकडाउन है। भारत में जिस गति से कोरोना का प्रसार हो रहा है, उससे भारत के सामने भी कोई विकल्‍प नहीं होगा। 1 अप्रैल को भारत में कोरोना वायरस के 72 हजार से ज्‍यादा मामले समाने आए हैं। 24 घंटों में 459 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले तीन महीने में ही भारत में कोरोना संक्रमण के प्रसार की दर में चार गुना की वृद्धि हुई है।वैक्‍सीनेशन में तीसरे नंबर पर भारत, अमेरिका बना अग्रणी राष्‍ट्र


भारत सरकार ने वैक्‍सीनेशन की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया है। सभी राज्‍यों को साप्‍ताहिक अवकाश और सार्वजनिक अवकाश के दिन भी वैक्‍सीनेशन जारी रखने के सख्‍त निर्देश हैं। इतना ही नहीं एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्‍सीन लगाए जाने की शुरुआत हो गई है। यानी अगर आपकी उम्र 1 जनवरी 1977 से पहले हुआ तो आप वैक्‍सीन लगवा सकते हैं। भारत में 16 जनवरी को वैक्‍सीन लगाए जाने की शुरुआत हुई थी। कुल वैक्‍सीन डोज के हिसाब से देखें तो भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है।


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