भारत की जेलों में बंद एक तिहाई ही दोषी, बाकी विचाराधीन कैदियों की भीड़- Loktantra Ki Buniyad

नई दिल्ली: आमतौर पर दोषी ठहराए गए कैदी जेल की सलाखों के पीछे अपनी सजा काटते हैं। हालांकि जेल में वे लोग भी रखे जाते हैं, जिनके खिलाफ मामला चल रहा होता है यानी वे अंडरट्रायल कैदी होते हैं। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि भारतीय जेलों में बंद एक तिहाई कैदी ही दोषी ठहराए गए हैं। बड़ी आबादी उन लोगों की है जिनके खिलाफ मामला अभी चल रहा है। कई न्यूज रिपोर्टों और स्टडीज की मानें तो इनमें से ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जो कानूनी मदद के लिए पैसा खर्च नहीं कर सकते हैं। किस उम्र के कैदी सबसे ज्यादा हर 10 अंडरट्रायल में से 9 कैदियों की उम्र 18 से 50 साल के बीच है। इनमें भी सबसे ज्यादा संख्या 18 से 30 साल के उम्र के लोगों की है, जो कमाई और रोजगार के हिसाब से महत्वपूर्ण उम्र मानी जाती है। जल्द सुनवाई से इनकी उत्पादकता को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।सबसे ज्यादा अंडरट्रायल कैदी तीन महीने जेल में एक चौथाई अंडरट्रायल्स कैदी एक साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं। हालांकि सबसे ज्यादा संख्या (36%) उन अंडरट्रायल कैदियों की है जो तीन महीने से कम जेल में रहते हैं। दुनिया के आंकड़े देखिए बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों पर गौर करें तो ब्राजील में बड़ी संख्या में अंडरट्रायल कैदी जेल में बंद हैं। वह देश जो अपने क्राइम रेट को लेकर बदनाम है, वहां 33 फीसदी कैदियों की संख्या विचाराधीन की है।बिहार में सबसे ज्यादा कैदी अंडरट्रायल राज्यों के हिसाब से देखें तो बिहार इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। यहां 84% कैदी अंडरट्रायल हैं। इसके बाद जम्मू-कश्मीर का नंबर आता है।
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