स्‍वतंत्रता दिवस के भाषण के जरिए पीएम मोदी ने तय किया 2019 का चुनावी अजेंडा

नई दिल्‍ली : लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आखिरी भाषण पर देशभर की नजरें टिकी हुई थीं। पीएम मोदी ने अपने इस भाषण में न केवल एनडीए सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया बल्कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी प्राथमिकताएं भी तय कर दीं। साथ ही उन्‍होंने सबके लिए घर, बिजली, पानी, स्‍वच्‍छता और स्‍वास्‍थ्‍य का वादाकर यह भी दर्शाने की कोशिश की कि वह पिछली यूपीए सरकार के विपरीत देश में बदलाव के लिए अधीर हैं। इस तरह उन्‍होंने खुद को बदलाव के नायक के तौर पर भी पेश किया है। पीएम मोदी ने अपने 82 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य अभियान, गगनयान और सेना में पुरुषों की तरह ही महिलाओं को स्‍थायी सेवा देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कई बार 'वर्ष 2013 की स्थिति' से तुलना करके पिछली संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। राजनीतिक विश्‍लेषकों के मुताबिक इस भाषण के जरिए पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाकर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में अपने विरोधियों को मात देने के लिए पार्टी की दिशा तय की। यही नहीं उन्‍होंने यह भी बता दिया कि अगर वह सत्‍ता में दोबारा आते हैं तो उनकी प्राथमिकताएं क्‍या होंगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2022 तक कोई भारतीय अंतरिक्ष में जाएगा। इससे भारत अंतरिक्ष में मानव को भेजनेवाला चौथा देश बन जाएगा। लाल किले से मोदी ने कहा, 'मैं आज देशवासियों को एक खुशखबरी दे रहा हूं। 2022 में जब देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे या हो सके तो उससे पहले मां भारती की कोई संतान, चाहे बेटा हो या बेटी, अंतरिक्ष में जाएगी। उसके हाथ में तिरंगा होगा। इसके साथ ही भारत मानव को अंतरिक्ष में पहुंचाने वाला विश्व का चौथा देश बन जाएगा।' अंतरिक्ष में भारतीय को भेजने के लिए 2022 का टारगेट रखकर मोदी ने जहां अपने अगले कार्यकाल का भी अजेंडा सेट किया, वहीं अगली सरकार के लिए एक कठिन लक्ष्य भी तय कर डाला। सबसे ज्‍यादा फोकस गरीबों और महिलाओं पर पीएम मोदी के भाषण में सबसे ज्‍यादा फोकस गरीबों और महिलाओं पर रहा। प्रधानमंत्री ने रेप की बढ़ती घटनाओं को राक्षसी मनोवृत्ति बताते हुए कहा कि इससे देश को मुक्‍त कराना होगा। उन्‍होंने बलात्‍कार के मामलों में जल्‍द सुनवाई और फांसी की सजा के लिए मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान की अदालतों की प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा कि हमें इसे प्रचारित करना होगा। पीएम मोदी के इस बयान का जनता ने भी तालियों के गड़गड़ाहट से स्‍वागत किया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कानून का शासन सर्वोच्‍च है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं को सेना में पुरुषों की तरह ही स्‍थायी सेवा देने का ऐलान कर आधी आबादी को अपने पाले में लाने की कोशिश की। उनका नारा भी रहा है, बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ। उन्‍होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार में स्‍वतंत्रता के बाद सबसे ज्‍यादा महिला मंत्री हैं। उन्‍होंने अपने भाषण में तीन तलाक का जिक्र कर मुस्लिम महिलाओं को भी साधा। उन्‍होंने तीन तलाक की शिकार महिलाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार विपक्ष की रुकावटों के बाद भी उन्‍हें न्‍याय दिलाकर रहेगी।
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