सत्‍ता में आए तो अंकोरवाट की तर्ज पर भगवान विष्णु का भव्‍य मंदिर बनवाएंगे: अखिलेश यादव

लखनऊ : अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मंदिर राजनीति में कूदते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को ऐलान किया कि अगर वह सत्‍ता में आए तो उत्‍तर प्रदेश में भगवान विष्णु का नगर विकसित किया जाएगा और इसमें भव्य मंदिर भी होगा। उन्‍होंने कहा कि भगवान विष्‍णु का यह मंदिर कंबोडिया के विश्‍व प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर की तरह होगा। अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हम भगवान विष्णु के नाम पर लायर सफारी :इटावा: के निकट 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर नगर विकसित करेंगे। हमारे पास चंबल के बीहड़ में काफी भूमि है। इस नगर में भगवान विष्णु का भव्य मंदिर होगा। यह मंदिर कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तरह होगा ।' बता दें कि उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा छेड़ा है। राम मंदिर मुद्दे पर सीधा जवाब देने से बचते हुए अखिलेश ने वादा किया कि अगर सत्ता में आये तो भगवान विष्णु का एक नगर निश्चित तौर पर विकसित किया जाएगा, जिनके अवतार भगवान राम और भगवान कृष्ण थे। उन्‍होंने कहा कि इसके अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की एक टीम कंबोडिया भेजी जाएगी। बीजेपी पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने इसे षडयंत्रकारियों की पार्टी बताया जो जमीनी स्तर पर कुछ नहीं करती है और वोट के लिए जनता को बेवकूफ बनाती है। बता दें कि बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में अंकोरवाट की तर्ज पर विराट रामायण मंदिर बनाए जाने की योजना है जिसका कंबोडिया की सरकार ने विरोध किया है। कंबोडिया सरकार का कहना है कि विराट रामायण मंदिर का डिजायन अंकोरवाट मंदिर की नकल है। कंबोडिया दूतावास ने विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है। उसका कहना था कि अंकोरवाट मंदिर विश्व विरासत स्थल है और कंबोडिया के राष्ट्रीय ध्वज पर अंकित प्रतीक भी है। कंबोडिया सरकार के ऐतराज के बाद इस मसले पर केंद्र सरकार ने बिहार सरकार और मंदिर के प्रस्तावकों से इस संबन्ध में बात की है और प्रस्तावित मंदिर के डिजायन में बदलाव करने की सलाह दी है।
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