तमिलनाडु में गुटखा स्कैम: स्वास्थ्य मंत्री के ठिकाने सहित 40 जगहों पर CBI की रेड

बेंगलुरु: कर्नाटक में करोड़ों रुपए के गुटखा स्कैम का खुलासा हुआ है. मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने बुधवार को चेन्नई के करीब 40 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. जांच दल ने इस मामले में आरोपी तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर के ठिकानों पर भी दबिश दी. इसके अलावा सीबीआई की टीम ने मोगापेयर स्थित डीजीपी टीके राजेंद्रन, पूर्व डीजीपी एस जॉर्ज के मदुरावॉयल स्थित ठिकानों पर भी छापेमारी की. यह घोटाला पिछल साल जुलाई में उस वक्त उजागर हुई थी जब आयकर विभाग ने गुटखा कारोबार से जुड़े कारोबारियों के गोदाम और दफ्तरों में छापेमारी की थी. गुटखा कारोबारियों पर 250 करोड़ के टैक्स की हेराफेरी के आरोप थे. मालूम हो कि साल 2013 में तमिलनाडु सरकार ने गुटखा को बैन कर दिया था. इसके बाद आरोप लगे थे कि गुटखा ब्रांड MSM का निर्माण जारी रखने के एवज में बड़े पुलिस अफसरों और कई अन्य विभाग के अफसरों ने रिश्वत लिए थे. आरोप है कि रिश्वत लेकर साल 2014-2016 तक मार्केट में गुटखे की सप्लाई जारी रखी गई. साल 2017 में गुटखा कारोबारियों के घर पर छापेमारी के दौरान इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ था. आरोप है कि प्रतिबंध के बाद भी गुटखा की बिक्री जारी रखने के एवज में सरकार और पुलिस आला अफसरों को 40 करोड़ रुपए दिए गए थे. ये भी पढ़ें: फारूख टकला की बढ़ सकती है मुसीबत, गुटखा मामले में हो सकती है गिरफ्तारी साल 2016 में आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के आरोप में गुटखा कारोबारियों के घर पर छापेमारी की थी. इसी दौरान कारोबारी महादेव राव के घर से एक डायरी बरामद हुई थी, जिसमें सरकार और पुलिस महकमे के उन लोगों के नाम दर्ज थे जिन्होंने घूस लिया था. इसी डायरी में मिस्टर भास्कर और मिस्टर राजेंद्रन के नाम भी लिखे थे. जांच में पता चला था कि गुटखा कारोबारी साल 2013 में बैन के बाद भी पान मसाला और तंबाकू से बने उत्पादों की बिक्री कर रहे थे. कारोबारी महादेव राव की कंपनी एमडीएम ब्रांड से गुटखा बेचती थी.
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