शिक्षा के क्षेत्र में बुराड़ी विधानसभा में आएगी एक नई क्रांति: शैलेंद्र कुमार Education Help by Shailendra Kumar

बुराड़ी के इतिहास में पहली बार अब बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के बीच में नहीं आने दूंगा आर्थिक परेशानियां: शैलेंद्र कुमार

बुराड़ी नई दिल्ली. सन 1983 से बिहार के लगभग सभी जिलों में, उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में और झारखंड के कुछ जिलों में लोक कल्याण बुद्धा फाऊन्डेशन के वरिष्ठ संरक्षक शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में कार्यरत है। सन 1983 से शैलेंद्र कुमार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार और उनके बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से उन परिवारों को सहयोग करते आ रहे हैं। शैलेंद्र कुमार की कोशिश सदा यही रहती है की हर एक बच्चा शिक्षित हो और आज के आधुनिक युग में उसको आज के परिवेश के हिसाब से अपने आप को ढाल लेना चाहिए। अपनी संस्था का विस्तार करते हुए इन्होंने लोक कल्याण बुद्धा फाऊन्डेशन की एक कार्यालय बुराड़ी विधानसभा दिल्ली में सन 2017 में खोला। तब से लेकर आज तक शैलेंद्र कुमार ने अपनी संस्था लोक कल्याण बुद्धा फाऊन्डेशन के माध्यम से बुराड़ी विधानसभा के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में बच्चों के निशुल्क कोचिंग क्लासेस, निशुल्क कंप्यूटर क्लासेस, निशुल्क क्विज कंपटीशन, निःशुल्क कंपटीशन शिक्षा के प्रति जागरूकता अभियान व अन्य कार्य किया है।
जहां एक तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अपना पीठ थपथपाते नहीं थकते की हमने सरकारी स्कूलों की दशा दिशा बदल के रख दी वहीं जमीनी हकीकत कुछ और है। माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी सदा यही कहते हैं कि हमने 8000 नए स्कूल और कमरे बनाएं लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बुराड़ी विधानसभा को अभी तक एक भी नया स्कूल नहीं मिला और तो और कोई नए कमरे भी नहीं बने मौजूदा सरकार में। सीबीएसई बोर्ड की साफ अक्षरों में गाइडलाइंस है कि किसी भी कक्षा में 45 बच्चे से ऊपर नहीं होंगे लेकिन आप कोई भी सरकारी स्कूल घूम जाए आपको कम से कम एक कक्षा में 70 से 90 के बीच में बच्चे मिलेंगे। बुराड़ी विधानसभा की स्थिति है कि अभी हमारे क्षेत्र के बच्चे हमारी विधानसभा से बाहर जैसे मॉडल टाउन, रोहिणी, शालीमार बाग, पीतमपुरा और तो और भालगढ़ और नरेला तक जाना पड़ता है। बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण  सरकारी स्कूल के टीचर  किसी बच्चे को  होमवर्क नहीं देता  क्योंकि उनको पता है कि वो चाह कर भी प्रतिदिन इतने बच्चों का होमवर्क चेक नहीं कर सकते हैं। सुबह और दोपहर में अगर आप बुराड़ी के मेन रोड पर खड़े हो जाएंगे तो आप पाएंगे की हमारे बच्चे बसों से और अन्य यातायात की सुविधाओं पर लटक कर अपने स्कूल जाने को मजबूर है। मानता हूं कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र पर अपना बजट बनाया है लेकिन उसका सदुपयोग करने के बजाय उसको विज्ञापनों पर, स्कूलों में स्विमिंग पूल बनाकर व अन्य प्रकार से दुरुपयोग किया जा रहा है। जहां एक तरफ आपके पास आप के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है बच्चों को बैठने की कमी है दिल्ली में पीने के पानी की कमी है वहां पर क्या स्विमिंग पूल बनाना बच्चों के लिए लाभकारी है।
शैलेंद्र कुमार का सदा यही मानना है कि जब तक आपके परिवार से आपके बच्चे शिक्षित नहीं होंगे तब तक आप अपने परिवार का अपने समाज का उद्धार करने के विषय में सोच ही नहीं सकते।
इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए शैलेंद्र कुमार ने अपनी संस्था लोक कल्याण बुद्धा फाउंडेशन के माध्यम से बुराड़ी विधानसभा के सभी कक्षा छठी से बारहवीं तक के बच्चों के लिए देश की जानी-मानी संस्थान ग्लोबल ओलंपियाड, नारायणा, फिटजी और आकाश इंस्टीट्यूट के माध्यम से बच्चों का परीक्षा लिया जाएगा और उसमें जो भी बच्चे उतीर्ण होंगे उन सभी को शैलेंद्र कुमार अपनी संस्था लोक कल्याण बुद्धा फाऊन्डेशन के माध्यम से निशुल्क कोचिंग संस्थानों के माध्यम से कोचिंग दिलाएंगे और प्रयासरत रहेंगे की ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आईआईटी, मेडिकल मे दाखिला मिल सके। इस संदर्भ में उन्होंने आगे बताया की 1 जुलाई 2019 से इस परीक्षा की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगी। बुराड़ी विधानसभा के बच्चे गूगल प्ले स्टोर से शैलेंद्र कुमार एप डाउनलोड कर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए संस्था के लोग सभी वार्डों में सभी कॉलोनियों में घूम-घूम कर घर-घर जाकर बच्चों का रजिस्ट्रेशन करेंगे। संस्था के कार्यकर्ता सभी स्कूलों में भी जाएंगे और वहां पर भी बच्चों का रजिस्ट्रेशन करेंगे और रजिस्टर्ड हुए सभी बच्चों की परीक्षा कोशिश की जाएगी कि उनके नजदीकी स्कूल में ली जाए। शैलेंद्र कुमार ने पिछले वर्ष में बुराड़ी विधानसभा के लगभग 25000 बच्चों का सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता ली थी जिसमें प्रथम आने वाले प्रत्येक वार्ड के बच्चों को लैपटॉप, द्वितीय आने वाले बच्चे को टैबलेट, तृतीय आने वाले बच्चों को टेबल व कुर्सी और जो भी बच्चे इस सामान्य ज्ञान परीक्षा में भाग लिए थे उन सभी को एक बैग, सर्टिफिकेट,पेन-पेंसिल व अन्य गिफ्ट सामग्री देकर नवाजा और हौसला अफजाई की थी।
जब से शैलेंद्र कुमार ने इस परीक्षा की घोषणा की है तब से क्षेत्र के बच्चों और उनके माता-पिता में काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है।
शैलेंद्र कुमार का कहना है कि सिर्फ कहने मात्र से की पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया सफल नहीं होगा जब तक कि लोग आगे नहीं आते।

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