कैबिनेट का बड़ा फैसला, 'सिख फॉर जस्टिस' को बताया गैरकानूनी-Loktantra Ki Buniyad

नई दिल्ली: सिख फॉर जस्टिस संगठन को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी करार दिया है। न्यूयार्क स्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन अवैध तरीके से अपनी गतिविधियां चला रहा है जिससे पंजाब में हालात बिगड़ रहे हैं। गुरपतवंत सिंह पन्नू और परमजीत सिंह इस संगठन के प्रमुख लोग हैं जो अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। ये फैसला सरकार ने कई सिख संगठनों की राय के बाद लिया है। ये संगठन रेफरेंडम 20-20 चला रहा था। ये संगठन एक ऑनलाइन कैंपेन चला रहा था। साथ ही ये खालिस्तान संगठन को जिन्दा और पंजाब में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा था। अब तक इस संगठन पर भारतीय एजेंसियों ने 11 मामले दर्ज कराए हैं। भारत सरकार ने फिलहाल इस संगठन पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया है। केंद्र ने सिख फॉर जस्टिस (SFJ) पर प्रतिबंध लगा दिया है। संगठन पर अलगाववादी एजेंडे को बढ़ाए जाने का आरोप है। इसको लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का भी बयान सामने आया, उन्होंने, कैबिनेट द्वारा लिए गए इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे भारत-विरोधी और आईएसआई-समर्थित संगठन की अलगाववादी योजनाओं और डिजाइनों से राष्ट्र की रक्षा करने की दिशा में पहला कदम बताया। इसके अलावा CCEE (आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति) ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तीसरे चरण के विस्तार को मंजूरी दे दी है। बताया गया कि 1,25,000 किलोमीटर की सड़क देश में बनाई जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 80,250 करोड़ रुपये होगी। POCSO एक्ट 2012 में संशोधन को दी मंजूरी कैबिनेट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम 2012 में संशोधन को मंजूरी दी है। बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। चाइल्ड पोर्नोग्राफी को रोकने के लिए जेल और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक 2019 को भी मंजूरी दे दी है।
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