60 साल में पहली बार जाता मॉनसून इतना जानलेवा- Loktantra Ki Buniyad

नई दिल्ली: पुणे बाढ़ से कराह रहा है। 17 लोगों की मौत हो चुकी है। लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर, देवरिया समेत यूपी के पूर्वांचल में पिछले 2-3 दिनों से भारी बारिश हो रही है। लखनऊ, वाराणसी में स्कूल बंद हैं। यूपी में भी 9 जिंदगियां बारिश की भेंट चढ़ चुकी हैं। हैदराबाद में बाढ़ जैसे हालात हैं, सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहां भी बारिश से 3 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा बिहार में अगले 2-3 दिनों तक 'बहुत ज्यादा' बारिश की चेतावनी दी गई है। यह सब तब हो रहा है जब सितंबर का महीना अपने आखिरी पड़ाव पर है यानी जब मॉनसून तकरीबन अलविदा कह चुका होता है। लेकिन इस बार मॉनसून पिछले 60 सालों में सबसे ज्यादा देरी से खत्म होने वाला है। मॉनसून का असामान्य रूप से काफी देरी से लौटना अच्छा संकेत नहीं है खासकर किसानों के लिए। इससे न सिर्फ खरीफ के उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा बल्कि रबी की बुआई में भी देरी हो सकती है।60 साल में सबसे देरी से खत्म होगा मॉनसून 1960 के बाद पहली बार मॉनसून इतनी देरी से अलविदा कहेगा। भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक 5 अक्टूबर तक मॉनसून के लौटने का कोई संकेत नहीं है। उन्होंने बताया, '5 अक्टूबर तक मॉनसून के लौटने की शुरुआत का कोई संकेत नहीं है। दरअसल पश्चिमी राजस्थान जहां से मॉनसून का लौटना शुरू होता है, वहां अगले कुछ दिनों तक और ज्यादा बारिश का अनुमान है।'बिहार में 29 सितंबर तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी पुणे, हैदराबाद, लखनऊ, वाराणसी, भोपाल समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बीच मौसम विभाग ने बिहार में अगले 2 दिनों तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 सितंबर को बिहार में भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को कुछ इलाकों में तो 'बहुत ही ज्यादा बारिश' का पूर्वानुमान है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से और बढ़ेगी मुसीबत इस हफ्ते बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से तेलंगाना और दक्षिण भारत के दूसरे हिस्सों में असामान्य बारिश हो रही है। महाराष्ट्र के पुणे में तो बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अब बारिश का रुख पूर्वी भारत खासकर बिहार की तरफ शिफ्ट हो गया है। 29 सितंबर तक बिहार में भारी बारिश देखने को मिल सकती है और उसके बाद बारी पूर्वोत्तर की होगी। आमतौर पर 1 सितंबर से ही मॉनसून का लौटना हो जाता है शुरू आम तौर पर देश से मॉनसून की विदाई पश्चिमी राजस्थान से 1 सितंबर के आस-पास शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान में ही सितंबर के आखिर और अक्टूबर के पहले हफ्ते में भी बारिश का पूर्वानुमान है। इससे पहले इतनी देरी से मॉनसून की विदाई 1960 में हुई थी। उसके बाद 2007 में भी काफी देरी से मॉनसून का लौटना शुरू हुआ था जब उसकी विदाई की शुरुआत 30 सितंबर से हुई थी।
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