प्रज्ञा ठाकुर ने दोबारा मांगी माफी, कहा- मैंने गोडसे को कभी नहीं कहा देशभक्त

नई दिल्ली. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे (Nathuran godse) को देशभक्त बताने वाले बयान पर बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya singh thakur) ने लोकसभा में माफी मांग ली है, लेकिन इस पर अभी विवाद थमता नहीं दिख रहा है. दरअसल, प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर माफी मांगते हुए सफाई तो दी, लेकिन राहुल गांधी के आतंकी कमेंट पर कड़ी आपत्ति जताई. ऐसे में विपक्ष के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की. ऐसे में प्रज्ञा ठाकुर को लोकसभा में दोबारा माफी मांगनी पड़ी. सदन में दोबारा माफी मांगते हुए बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, '27 नवंबर को एसपीजी अमेंडमेंड बिल 2019 पर चर्चा के दौरान मैंने नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा. यहां तक कि मैंने अपने बयान में उनका नाम तक नहीं लिया. अगर मेरी वजह से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दोबारा माफी मांगती हूं.' दरअसल, इसके पहले सदन में विपक्ष के नेताओं के हंगामे और केंद्र सरकार की ओर से तलब किए जाने के बाद भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने माफी मांगी. उन्होंने कहा, 'मेरे बयान को गलत समझ गया. मीडिया में मेरी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया. अगर मेरे पहले के बयानों से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए क्षमा चाहती हूं.' हालांकि, बीजेपी सांसद के माफी मांगने के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा. राहुल गांधी को घेरा प्रज्ञा ठाकुर ने इस दौरान खुद को आतंकी बताए जाने पर भी आपत्ति जताई. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, 'सदन के एक सम्मानित नेता ने मुझे आतंकी कहा. मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हुआ है, लेकिन इस तरह की बात कहना एक महिला का, एक संन्यासी का और एक सांसद का अपमान है.' बता दें कि राहुल गांधी ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था- 'आतंकी प्रज्ञा ने आतंकी गोडसे को देशभक्त बताया', भारत की संसद के इतिहास में ये एक दुखद दिन है.लोकसभा में 'डाउन-डाउन गोडसे ' के नारे सदन में प्रज्ञा के माफी मांगने के बाद भी कांग्रेस का हंगामा जारी रहा. विपक्षी दल इस दौरान 'महात्मा गांधी की जय', 'डाउन-डाउन गोडसे ' के नारे लगाते रहे. हंगामे के बीच बीजेपी सांसदों ने मांग है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस ट्वीट के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिसमें उन्होंने प्रज्ञा को आतंकवादी कहा था. लोकसभा अध्यक्ष ने की शांति की अपील हंगामे के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदस्यों को शांत कराते हुए कहा कि 'न केवल यह राष्ट्र बल्कि दुनिया महात्मा गांधी के सिद्धांतों का अनुसरण करती है. हमें इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए (भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त' कहा). इसलिए मैंने कहा कि टिप्पणी दर्ज नहीं की जाएगी.'प्रज्ञा ने इस मामले पर किया था ट्वीट इससे पहले बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने गुरुवार को कहा था कि लोकसभा में उनकी विवादित टिप्पणी क्रांतिकारी उधम सिंह के अपमान के खिलाफ की गई थी. उन्होंने ट्वीट किया था, ‘कभी कभी झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है कि दिन में भी रात लगने लगती है. ’ उनकी ये टिप्पणियां महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रशंसा के तौर पर देखी गई जिससे विवाद शुरू हो गया. डिफेंस कमिटी से हटाई गईं विवाद के बाद प्रज्ञा ठाकुर को संसद के मौजूदा सत्र के दौरान संसदीय दल की बैठक में शामिल होने से रोक दिया और रक्षा मामलों की परामर्श समिति से भी हटा दिया.
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