मैं पहला ऐसा प्रदेश अध्यक्ष, जो पार्टी की एकजुटता को लेकर परेशान नहीं: कमलनाथ-conversation-with-newly-elected-mp

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष कमलनाथ पार्टी के अंदर किसी तरह की गुटबाजी से इनकार किया है। वह कहते हैं कि उनके सभी के साथ अच्छे संबंध है। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से उनकी बातचीत में उन्होंने दावा किया कि वह पहले ऐसे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष होंगे जो पार्टी की एकजुटता को लेकर चिंतित नहीं हैं।सवाल- एक और हार मध्य प्रदेश से भी कांग्रेस का वैसे ही सफाया कर सकती है जैसे तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में हुआ है? और इस समय पार्टी की राज्य इकाई में खेमेबाजी की भी खबर है। जवाब- मैं हार की कल्पना कर ही नहीं रहा हूं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस बाकी राज्यों के अपेक्षा ज्यादा मजबूत है। हमें इसे बस सक्रिय बनाने की जरूरत है। यह चुनौती होगी लेकिन यहां सभी के बीच एकजुटता है। किसी तरह की खेमेबाजी नहीं क्योंकि मेरे सभी के साथ अच्छे संबंध हैं। मैंने हमेशा कहा है कि जीत के लिए हमें हर किसी की मदद की जरूरत है। चाहे वह दिग्विजय सिंह हों, ज्योतिरादित्य सिंधिया या फिर कांतिलाल भूरिया। मैंने इन सभी से बात की है और ये अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। वह इसे बखूबी समझते भी हैं क्योंकि इस बार दांव बहुत बड़ा है। मैं कांग्रेस का पहला ऐसा प्रदेश अध्यक्ष होउंगा जो पार्टी की एकजुटता के लिए चिंतित नहीं है। सवाल- मध्य प्रदेश में कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ लगातार तीन चुनाव हारने के पीछे आप क्या वजह मानते हैं? जवाब- 2003 में हम इसलिए हारे थे क्योंकि उस समय प्रदेश में सत्ता के खिलाफ लहर थी। 2008 में बीजेपी इसलिए जीती क्योंकि उसने किसान कर्ज माफी सहित कई बड़े वादे किए थे। हम उस समय संगठनात्मक मोर्चे पर थोड़ा कमजोर थे और टिकट बांटने पर भी कुछ गड़बड़ियां हुई थीं। 2013 में उन्होंने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया और कांग्रेस बीजेपी की संगठनात्मक ताकत का मुकाबला नहीं कर सकी। पढ़ें: मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह के समर्थन से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने कमलनाथ, सिंधिया कैंप को झटका? नर्मदा यात्रा की समाप्ति पर दिग्विजय सिंह के साथ कमलनाथ सवाल- और इस बार क्या चीज आपके अंदर आत्मविश्वास लाती है? जवाब- हमें वर्तमान परिस्थितियों को देखना चाहिए। ऐसा कभी इतिहास में नहीं हुआ होगा जब समाज का हर तबका सरकार से परेशान हो चुका है। किसान लहूलुहान हो रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं, व्यापारी और मजदूर वर्ग नाराज है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। मध्य प्रदेश में किसानों की आत्महत्या और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं पूरे देश में सबसे ज्यादा है। शक्ति प्रदर्शन की राजनीति बुरी तरह उजागर हुई है। सवाल- सिंधिया मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी (एमपीसीसी) की रेस से बाहर हो गए हैं? जवाब- यहां कुछ भी हार-जीत जैसा नहीं है। चुनाव प्रचार के नेतृत्व में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। वह मध्य प्रदेश के हर हिस्से में कैंपेन को मजबूती देंगे और मतदाताओं के बीच उनका जबरदस्त आकर्षण भी है। सवाल- इस बार मध्य प्रदेश चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का क्या किरदार है? जवाब- वह नेताओं के साथ को-ऑर्डिनेशन कर सकते हैं। उन्हें राज्य में संगठन का सर्वाधिक ज्ञान है। वह कांग्रेस की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। सवाल- संगठन के नए प्रमुख के रूप में आपकी तत्काल प्राथमिकताएं क्या हैं? जवाब- हम संगठन को ग्रामीण स्तर के लिए तैयार करना है। यह बीजेपी की मजबूती है। इन वर्षों में जो कांग्रेस कार्यकर्ता अपने घरों में कैद रहे उन्हें अब बाहर निकलना होगा। यहां किसी एक व्यक्ति के भविष्य और पार्टी के दांव का सवाल नहीं है। हमारा एजेंडा मध्य प्रदेश का भविष्य है। जब कार्यकर्ता गांवों में कांग्रेस को एकजुट देखेंगे तो वह खुद आगे बढ़ेंगे। सवाल- दिग्विजय सिंह की छह महीने लंबी नर्मदा यात्रा से कांग्रेस को कोई राजनीतिक लाभ होगा? जवाब- मैंने नर्मदा यात्रा में भाग लिया था। दिग्विजय सिंह ने जो किया वह आश्चर्यजनक था। गांवों में रह रहे लोग इससे ऊर्जा महसूस कर रहे हैं। यद्यपि यह एक व्यक्तिगत यात्रा थी लेकिन लोगों ने इस दौरान कांग्रेस के दौरान जुड़ाव महसूस किया। सवाल- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ इस साल के अंत तक लोकसभा चुनाव कराने की संभावना है। इससे राज्य चुनाव कितने प्रभावित होंगे? जवाब- हमारे देश में मतदाता कभी-कभार निराश हो सकते हैं लेकिन वह ठगे जाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। मुझे नहीं लगता कि इससे कोई फर्क पड़ेगा।
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